भोजन मन्त्र
अन्न ग्रहण करने से पहले विचार मन में करना है। किस हेतु से इस शरीर का रक्षण-पोषण करना है। है परमेश्वर ! एक प्रार्थना नित्य तुम्हारे चरणों में लग जाए तन-मन-धन मेरा मातृभूमि की सेवा में।
ॐ सह नः भवतु सह नो भुनक्तु । सह वीर्यम् कर्वामहे ।। तेजस्विनाम् वर्धिमस्तु मा विद्विषामहे। ॐ शान्ति-शान्ति सुखशान्ति भवतु ॥
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