व्यंजन : व्यंजन वह वर्ण हैं, जिनके उच्चारण में स्वरों का इस्तेमाल होता हैं मतलब ये वह वर्ण होते हैं जो स्वरों की सहायता से मांगे जाते हैं| इसलिए हर व्यंजन को बोलने में अ का इस्तेमाल किया जाता हैं| हिंदी वर्णमाला में कुल 35 व्यंजन होते हैं| यह व्यंजन तीन प्रकार के होते हैं जैसे – स्पर्श व्यंजन, अंतः स्थ व्यंजन, उष्म व्यंजन|
स्पर्श व्यंजन : यह वह व्यंजन होते हैं जिन्हे बोलने में जीभ मुँह के किसी भाग को छूती है| ये व्यंजन क से म तक होते हैं| इसके पांच प्रकार हैं –
कवर्ग : क , ख , ग , घ , ङ
चवर्ग : च , छ , ज , झ , ञ
टवर्ग : ट , ठ , ड , ढ , ण
तवर्ग : त , थ , द , ध , न
पवर्ग : प , फ , ब , भ , म
अन्तःस्थ व्यंजन : यह वह व्यंजन होते हैं जो जीभ, तालु, दन्त, ओष्ठ के स्पर्श से होते है किन्तु ये अंग कहीं भी एक-दूसरे का पूर्ण स्पर्श नहीं करते। जैसे – य, र, ल, व।
उष्म व्यंजन : ये वह व्यंजन होते हैं जो बोलते समय उष्म पैदा करते हैं, और इन्हे बोलते समय मुँह से गर्म हवा निकलती है, जैसे – श , ष , स , ह|
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